Life And Its Stories
  • Motivation
  • Mythology
  • Political Satire
  • Spirituality
Life And Its Stories
  • Travel
  • Women’s Rights
  • Daily Life
  • Nature
  • Short Stories
  • Poems
  • Audio Stories
  • Video Stories
  • About Me
  • Contact
  • Motivation
  • Mythology
  • Political Satire
  • Spirituality
Life And Its Stories
  • Travel
  • Women’s Rights
  • Daily Life
  • Nature
Daily LifeShort Stories

अक्षर ज्ञान के साथ शब्दों की पहचान

by 2974shikhat September 14, 2018
by 2974shikhat September 14, 2018

नन्हा सा अबोध, बालक हो या बालिका

ज्ञान के समंदर मे,गोते लगाने जाता है । 

शिक्षा की प्रथम सीढ़ी पर अक्षर ज्ञान मे तन्मयता के साथ जुट जाता है । बात अगर हिंदी भाषा की हो तो हिंदी वर्णमाला को सीखने के क्रम मे

‘क’ से “कमल”,’ख’ से “खरगोश” जैसे शब्द आज भी बच्चों के साथ-साथ, बड़ों को भी याद आते हैं ।जैसे जैसे हम ‘क’वर्ण से आगे, ‘च’वर्ण पर पहुंचते हैं ।’च’वर्ण को शब्दों के साथ जोड़ते हैं । ढेर सारे शब्दों के बीच मे से, ‘च’से चम्मच या ‘च’से चमचा शब्द चुपके से झाँकता दिख जाता है ।

Expression

Image Source : Google Free

अंग्रेजी मे अगर बात करो तो,पूरी की पूरी कटलरी के बीच मे से मुस्कुराता हुआ नज़र आता है । दैनिक जीवन की अगर बात करो तो रसोई मे उपयोगी रूप मे, बहुतायत से नज़र आता है । अपनी अलग-अलग आकृति और आकार से रसोई की शोभा बढ़ाता है । चमचे का उपयोग, रसोई मे करते करते हम भी इस शब्द से, अभ्यस्त हो गये है ।

जब भी चम्मच हाथ मे आता है । खाना बनाने या खाने के क्रम मे, तल्लीनता से जुट जाता है । आज चमचे ने हाथ मे आते ही चार बातें सुना दिया । अपनी बातों से मेरे विचारों का दायरा बढ़ा दिया । बोला,आप चम्मच शब्द को आखिर क्यों नही उपयोगी समझती हैं । एकाद कविता या शायरी चमचे के ऊपर क्यों नही लिखती हैं

पता नहीं है क्या आपको ?कार्यस्थल हो या,परिवार , या हो समाज । हर जगह दिखता, चमचों का विस्तार ।

चमचों की दुनिया बड़ी न्यारी होती है । सामान्यतौर पर स्वार्थ और, लालच के वाहन पर इनकी सवारी होती है धन,संपदा,यश,कीर्ति, ऐश्वर्य के साथ चमचों की फौज आती है भौतिक सुख सुविधाओं,एवम् यश और कीर्ति के कम होते ही पतली गली से यह फौज,खिसकती दिख जाती है ।

चमचों का है यह कहना हम है कलयुग की अनमोल खदान । पहले आप बताइये आप को क्यों नही है चमचों की पहचान ?

आप तो बस रसोई मे ही, चमचों का साथ निभाती हैं । कभी कड़ाही मे कभी कुकर मे दाल या सब्जी, चमचे की सहायता से पकाती हैं ।

अब ध्यान से सुनिये, हमारी बात । ये हैं हमारे अनमोल जज्बात । कलयुग है, सबसे बड़ी चमचों की खान । समृद्धिशाली और शक्तिशाली  अपनी स्वार्थ की रोटी चमचों के बल पर ही सेंकते हैं । यूं ही आमजन के पक्ष मे,काम करने की बातों को हवा मे फेंकते हैं । 

अब आज तो आप,सबसे महत्वपूर्ण काम करिये ,चम्मच कहिये या चमचा कहिये ।अपनी कलम से ही सही कुछ शब्द तो उनके लिये भी लिखिये ।

AdaptationBe HappyConversationDutyExpressionFriendly talkHindi languageHuman behaviorKitchenLoyaltyRat racesocietyspoonTools
0 comment
0
FacebookTwitterPinterestEmail
2974shikhat

previous post
गुपचुप से दरवाजे
next post
“नीरवता”

You may also like

अमरूद का वो पेड़

April 30, 2026

और कुहासा बह गया

February 24, 2026

पूर्णिमा से अमावस्या तक का चक्र

October 14, 2025

हे माँ

October 2, 2025

लीची का पेड़

June 18, 2025

कथा महाशिवरात्रि की

February 25, 2025

माँ अब नही रहीं

February 13, 2025

सैरऔर चिर परिचित चेहरे

February 4, 2025

बदलेगा क्या हमारा शहर ?

January 23, 2025

समझो तो पंक्षी न समझो तो प्रकृति

October 26, 2024

0 comment

rajanisingh885721172 September 18, 2018 - 3:07 pm

Fabulous post

Shikha September 18, 2018 - 3:55 pm

😊

About Me

About Me

कहानी का दूसरा पहलू मेरी दुनिया में आपका स्वागत है

मेरे विचार, और कल्पनाएं… जीवन की छोटी-छोटी बातें या चीजें, जिनमे सामान्यतौर पर कुछ तो लिखने के लिये छुपा रहता है… एक लेखक की नज़र से देखो तब नज़र आता है … उस समय हमारी कलम बोलती है… कोरे कागज पर सरपट दौड़ती है.. कभी प्रकृति, कभी सकारात्मकता, कभी प्रार्थना तो कभी यात्रा… कहीं बातें करते हुये रसोई के सामान, कहीं सुदूर स्थित दर्शनीय स्थान…

Popular Posts

  • 1

    The story of my Air conditioners

    September 10, 2016
  • 2

    विचार हैं तो लिखना है

    October 4, 2020
  • 3

    उत्तंग ऋषि की गुरुभक्ति (भाग1)

    November 11, 2020
  • 4

    जंगल का साथ बहुत सारी बात

    October 13, 2017
  • 5

    “कृष्ण जन्माष्टमी की बहुत सारी शुभकामनायें”

    August 12, 2020

Related Posts

  • अमरूद का वो पेड़

    April 30, 2026
  • और कुहासा बह गया

    February 24, 2026
  • पूर्णिमा से अमावस्या तक का चक्र

    October 14, 2025
  • हे माँ

    October 2, 2025
  • लीची का पेड़

    June 18, 2025

Keep in touch

Facebook Twitter Instagram Pinterest Youtube Bloglovin Snapchat

Recent Posts

  • The story of my Air conditioners

  • अमरूद का वो पेड़

  • और कुहासा बह गया

  • पूर्णिमा से अमावस्या तक का चक्र

  • हे माँ

  • लीची का पेड़

  • कथा महाशिवरात्रि की

Categories

  • All (209)
  • Audio Stories (24)
  • Daily Life (144)
  • Motivation (48)
  • Mythology (16)
  • Nature (34)
  • Poems (61)
  • Political Satire (2)
  • Short Stories (190)
  • Spirituality (20)
  • Travel (25)
  • Women's Rights (7)
  • Facebook
  • Twitter
  • Instagram

@2019-2020 - All Right Reserved Life and It's Stories. Designed and Developed by Intelligize Digital India