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NatureShort Stories

Life as an Airplane

by 2974shikhat January 13, 2017
by 2974shikhat January 13, 2017

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January 13, 2017

Spread positivity

Image Source : Google Free

Let us spread positivity by thinking that our life is like an airplane. Sometime the plane gets into a dense mass of clouds but its skilled pilot soon steers it out of them .The clouds are our troubles and we are the pilots of our lives .

शीत ऋतु की दो बातें महत्वपूर्ण होती हैं, पहली धुन्ध और दूसरी धूप।धुन्ध के बिना शीत ऋतु की हम कल्पना भी हम नहीं कर सकते I दूसरी तरफ धूप के बिना शीत ऋतु बिताना मुश्किल हो जाता है । धुन्ध के बिना धूप की महत्ता भी समझ मे नही आती । सूर्य भगवान को भी लोग सामान्य सी वस्तु समझने लगते हैं ।

शीत ऋतु  मे ही तो देखा था जमीन से भाप को उठते हुयेI सोच रही थी मै यहाँ इतना घना कुहरा क्यों है?आपने भी शायद ध्यान दिया होगा, खुले इलाकों मे बगीचों मे और खेतों के आसपास, धुन्ध सामान्यतौर पर ज्यादा होती है ।आराम से खड़े होकर मै ये सब ध्यान से देख रही थी,तभी दूर नजर गयी किसी कच्चे से मकान मे कुछ पकाया जा रहा था।कच्चे मकान के अधखुले दरवाजों से ,धुँआ निकल कर बाहर आ रहा था ।

धुँए के साथ-साथ चूल्हे पर सेंकी जा रही रोटी की सोंधी सी महक भी वातावरण मे फैल रही थी I तभी अचानक से मेरे दिमाग ने मुझसे कहा अरे! ,नन्हे-नन्हे पौधों के साथ-साथ बड़े पेड़ ये सभी तो अपना खाना Pnotosynthesis से पकाते हैं सुबह-सुबह, इसीलिये तो इतनी सारी धुन्ध फैली रहती है खेतों और बगीचों मे ।

ये सब देखते-देखते एक बड़े से नीम के पेड़ के नीचे खड़ी हो गयी। इतनी जोर-जोर से पानी की बूंदें आवाज के साथ, नीचे पड़े पत्तों के ऊपर गिर रही थी मानो! बरसात हो रही हो लेकिन वो बरसात की बूंदें नही थी ।

सारी रात पत्तियों ने ओस की बूँदों को इकट्ठा किया था,अब उसे ही गिरा रही थी।ऐसा लग रहा था मानो कह रही हो, हमारे पास storage space नही है न धरती माँ ! आप ही store कर लीजिये, जब हमे जरूरत होगी हम आपसे वापस ले लेंगे ।

प्रकृति ने कितनी विलक्षण चीजें बनायी हैं। कितने सारे पक्षियों को भी बनाया है Iपक्षियों में भी कुछ पक्षी ऐसे होते हैं जो, सिर्फ चिल्लाकर अपना अधिपत्य जमाना चाहते हैंIहमारे समाज में भी तो बहुत सारे लोग ऐसे होते हैं,जो चिल्लाकर ही अपना आधिपत्य जमाना चाहते हैंI

आकाश मे उड़ता हुआ Aircraft कितना स्थिर सा लगता है न ,लेकिन होता नही है। उड़ते हुये craft के नीचे कभी बादल आते हैं कभी ऊपर।कभी-कभी डाँवाडोल होता हुआ भी लगता है, लेकिन सीट बेल्ट बाँधकर अपने आप को सुरक्षित रखने का निर्देश pilot द्वारा मिलता हैI हमे उस निर्देश को मानना पड़ता है।

खिड़की से नीचे झाँको तो अपनी जमीन दिखती है I दौड़ती भागती हुयी अपनी सी जिंदगी दिखती हैI सब चीज छोटी छोटी दिखती है, परेशानियां भी छोटी ही दिखती हैंIतभी अचानक से भगवान जी भी याद आ जाते हैं I 

क्यूँ करता है तू सबकी नइय्या डाँवाडोल हे भगवन् ?
सबको तू ही तो घुमाता है गोलम गोल हे भगवन् !

चुनौतियों को तू ही तो सामने रखता है , हे भगवन्!
मिन्नतें ही करवाता रहता है तू , हे भगवन् !

बैठाकर सबको  मुसीबतों के झूले में I
तू तो मुस्कराता ही रहता है, हे भगवन् !

आकाश मे उड़ते हुये craft को व्यक्ति अपने जीवन से जोड़ सकता है। मुसीबत रूपी बादल कभी पूरी तरह से ढँक लेते हैं I लेकिन  उन मुसीबत रूपी बादलों को चीरकर सुरक्षित बाहर आ जाते हैं। बाहर आने से पहले सारी Negativity को कचड़े के डिब्बे मे डालकर , Conveayor belt जैसे platform से अपनी शुभकामना रूपी सामान लेकर बाहर आ जाते हैं।

एक बार फिर से अपने जीवन को नये अंदाज से जीने के लिये,अपने सामने आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिये I

Spread Positivity

Image Source : Google Free

Air travelCourageExpressionLife StrugglePlantsSpreadPositivityTroubles
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2974shikhat

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0 comment

Abhay January 13, 2017 - 1:02 pm

Good one..

Mrs. Vachaal January 13, 2017 - 5:46 pm

Thanx👍

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कहानी का दूसरा पहलू मेरी दुनिया में आपका स्वागत है

मेरे विचार, और कल्पनाएं… जीवन की छोटी-छोटी बातें या चीजें, जिनमे सामान्यतौर पर कुछ तो लिखने के लिये छुपा रहता है… एक लेखक की नज़र से देखो तब नज़र आता है … उस समय हमारी कलम बोलती है… कोरे कागज पर सरपट दौड़ती है.. कभी प्रकृति, कभी सकारात्मकता, कभी प्रार्थना तो कभी यात्रा… कहीं बातें करते हुये रसोई के सामान, कहीं सुदूर स्थित दर्शनीय स्थान…

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