Daily LifeMotivation धुन अपनी बात बचपन की by 2974shikhat December 5, 2018 by 2974shikhat December 5, 2018 कभी उठता कभी गिरता…. कभी चलता कभी ठिठकता…. उम्मीद और आशा भरी नज़रों से चारो तरफ देखता….. कभी भागता कभी दौड़ता नज़र आता….. कभी मुस्कुराता तो कभी खिलखिलाहट के साथ दिख जाता….. देखते ही देखते कभी,आँसूओं के साथ भी,नज़र आ जाता….. बात नन्हे बच्चे की है जो अपनी ही धुन मे चलता फिरता नज़र आता …… आसपास के लाड़ प्यार,और अपनत्व को….. अपने ही अंदाज मे समझने की कोशिश मे जुटा नज़र आता …… बस इसी कारण, कभी गंभीरता से विचारमग्न दिख जाता….. ध्यान से देखो अगर नन्हे बच्चों को तो…… उनके स्वभाव की सरलता,नज़र आती है…… पल भर पहले ही तो गिरा! लेकिन ख्याल नही….. आँखों मे दिखता आँसुओं का सैलाब नही….. चोटिल हुआ क्या ? लेकिन,भावभंगिमा से तो दिखता, मलाल नही…. आँखों मे दिखता बस उठ कर….. आगे बढ़ने का मजबूत इरादा….. कल्पनाओं के साथ नन्हे कदम भी जीवन के संघर्ष के लिए बढ़ते दिखे….. हौसलाअफजाई के लिए शुभचिंतकों के साथ…. खुद के आत्मविश्वास ने,रास्ते चुने…. ऐसा लगता मानो! असीमित ऊर्जा की खान है….. सच मानो तो मानव जीवन मे बाल अवस्था सबसे कठोर संघर्ष की पहचान है…. रंग,वर्ण,पशु-पक्षी, आकृति – आकार आड़ी, तिरछी रेखा ….. सभी कुछ तो पहचानना है …… शब्दों के बीच मे उलझ उलझ कर सुलझते जाना है…… खुद से ही जिद्द सामने आ कर खड़ी ….. जल्दी जल्दी दौड़ने भागने की पड़ी ….. नन्हा सा बच्चा निर्भीकता से मुसीबतों को पार करता हुआ नज़र आता …… बच्चे अपनी कल्पनाशक्ति से …. मिट्टी से भी खेल खिलौने बनाते हैं ….. ईंट,पत्थर,मुसीबतें, खतरे,आँधी, तूफान…… सब कुछ खेल ही नज़र आता है …. बच्चों के संघर्ष और प्रयास से ऊपर वाला भी अनजान नही ….. शायद यही कारण है कि….. छोटे बच्चों के खेल खिलौनों को ऊपर वाला भी कौतूहल के साथ देखता हुआ नज़र आता है….. रह रह कर अपनी दया और कृपा नन्हे बच्चों पर बरसाता है……. Be HappyBraverychildhoodConversationEncouragementExpressionFeeling of positivityHard workinspirationLove and careSelf confidencesocietyThoughtsWill power 0 comment 0 FacebookTwitterPinterestEmail 2974shikhat previous post नृत्य आनंद और उत्साह next post बयार, स्त्री सुरक्षा और संघर्ष के साथ You may also like अमरूद का वो पेड़ April 30, 2026 और कुहासा बह गया February 24, 2026 पूर्णिमा से अमावस्या तक का चक्र October 14, 2025 हे माँ October 2, 2025 लीची का पेड़ June 18, 2025 माँ अब नही रहीं February 13, 2025 सैरऔर चिर परिचित चेहरे February 4, 2025 बदलेगा क्या हमारा शहर ? January 23, 2025 पुस्तकालय August 10, 2024 बातें गुलाबी जाड़ा के साथ December 13, 2023 0 comment Manisha Kumari December 6, 2018 - 10:24 pm ताज़ी हवा के झोंके के जैसा है आपका ये लेख। धन्यवाद। Shikha December 7, 2018 - 2:49 am छोटे बच्चे और उनका जुझारूपन, हमेशा मुझे प्रेरित करता है। बच्चे तो होते ही हैं, ताजी हवा के झोंके जैसे😊
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ताज़ी हवा के झोंके के जैसा है आपका ये लेख।
धन्यवाद।
छोटे बच्चे और उनका जुझारूपन, हमेशा मुझे प्रेरित करता है।
बच्चे तो होते ही हैं, ताजी हवा के झोंके जैसे😊