Daily LifeMotivation शोर मचाती हुई कामचोर मशीन by 2974shikhat July 28, 2020 by 2974shikhat July 28, 2020 Image Source : Google Free भारतीय सामाजिक व्यवस्था मे….. रोज की दिनचर्या में…. कभी परिवार के सदस्य,कभी मित्रों की टोली….. कभी खुद की आत्मा, प्रोत्साहित करती जाती है….. आज का काम, कल पर न टालने की बात को गंभीरता से समझाती है….. इसी क्रम मे कबीरदास जी का दोहा भी याद आता है…… “काल करे सो आज कर,आज करे सो अब पल मे प्रलय होएगी बहुरि करेगा कब” बस इसी दोहे को हमने ध्यान कर लिया…. और वजन नापने की मशीन को, अपने साथ ले लिया… आज क्यूँ! बस अभी से ही, दृढ़ प्रतिज्ञा के साथ मैदान ए जंग मे उतरते हैं….. इस वजन नापने की मशीन को, आखिर इंसान इतना क्यूँ तंग करते हैं….. अपनी अहमियत,फिगर के प्रति जागरूक….. लोगों के बीच मे जानकर और समझकर… ये वजन नापने की मशीन भी, अकड़ दिखाती है…. ध्यान से देखो तो चालाकी से मुस्कुराती है….. कभी कभी तो अपनी कुटिल मुस्कान के साथ चिढ़ाती है ….. अब इसकी चालाकी की तो मत पूछिए बात…. हमेशा आड़े हाथों से थामती है, लोगों के जज्बात…. एक नंबर की होती है कामचोर…. अपनी जगह से ज्यादा, हिलती डुलती भी नही…. लेकिन बेवजह ही मचाती रहती है शोर….. जानबूझ कर बढ़ा हुआ वजन दिखाती है….. लोगो के खिले हुए चेहरों को…. बासी फूलों सा मुरझा हुआ दिखाती है…. बस इसी के कारण होता है, लोगों का ये हाल….. दिन की शुरुआत नीबू पानी से…. और रात का खाना केवल उबली हुई… बेस्वाद सब्जी और सलाद के साथ…. जीभ बेचारी भी,दबी कुचली सी दाँतों के बीच मे चुपचाप सी पड़ी रहती है….. स्वादिष्ट व्यंजनों को देखकर,लालच मे पड़ी रहती है….. इन सब फसाद की जड़ सिर्फ और सिर्फ…. वजन नापने की मशीन ही हुआ करती है….. कुछ समय पहले तक इंसान, अपने स्वास्थ्य के प्रति तुलनात्मक रूप से सजग रहता था….. घर के बने हुए,स्वास्थ्य वर्धक खाने को खाकर….. खुद को शारीरिक और मानसिक रूप से, स्वस्थ रखता था…. अब बदल गया समय,बदल गयी बात….. जीभ पर चढ़ गया है जंक फूड का स्वाद….. कुछ घरों मे तो पलंग के पायदान के पास…. हर समय होता है,वजन नापने की मशीन का साथ….. पेट पर बढ़ी हुई चर्बी के साथ, महिलाओं के साथ साथ पुरुष भी डोलते हैं ….. कभी सांसों को कुछ पल के लिये थामकर कभी टमी टकर के साथ….. वजन नापने की मशीन के पास डोलते हैं…. फैशन और आधुनिक बनने और दिखने की होड़ मे …. स्वास्थ्य वर्धक खाना पीछे छूट गया….. इंसान जंक फूड के साथ जीभ के स्वाद के दलदल मे डूब गया….. वजन नापने की मशीन की ज्यादती…. मन मे एक क्रांति को जन्म देती है….. एक ऐसा अभियान छेड़ते हैं…. वजन नापने की मशीन को, सरेराह अकेला छोड़ते हैं…. जीभ को दिमाग के साथ स्वतंत्र करते हैं….. अस्वस्थ कर खाने और पीने से पहले….. शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को सामने रखते हैं….. फिर सुनेंगे वजन नापने की मशीन की बात….. तब तक शायद वजन नापने की मशीन को भी सद्बुद्धि आयेगी….. अपनी कुटिल मुस्कान को अपने से दूर भगायेगी….. बढ़ा हुआ वजन दिखाने से पहले तब शायद सकुचायेगी… चेहरों को मुस्कान के साथ सजा हुआ दिखायेगी….. EncouragementExpressionFood and happinessfood and nutritionfunny conversationsHealth and nutritionHealthy lifestyleHuman behaviorinspirationsocietySpreadPositivityStruggleWeight machineWill power 0 comment 0 FacebookTwitterPinterestEmail 2974shikhat previous post असम प्रदेश – प्राकृतिक,पारंपरिक और सांस्कृतिक विरासतों का साथ next post मोटापे के साथ जीभ का चाव और शारीरिक श्रम का अभाव You may also like अमरूद का वो पेड़ April 30, 2026 और कुहासा बह गया February 24, 2026 पूर्णिमा से अमावस्या तक का चक्र October 14, 2025 हे माँ October 2, 2025 लीची का पेड़ June 18, 2025 माँ अब नही रहीं February 13, 2025 सैरऔर चिर परिचित चेहरे February 4, 2025 बदलेगा क्या हमारा शहर ? January 23, 2025 पुस्तकालय August 10, 2024 बातें गुलाबी जाड़ा के साथ December 13, 2023 0 comment Manisha Kumari July 24, 2018 - 10:52 am सच में बड़ा मज़ा आया आपके लेख को पढ़कर। Mrs. Vachaal July 24, 2018 - 2:15 pm Hahaha…mujhe likhne mai bhi maja aaya tha..pdhne ke liye dhanyvad😊
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सच में बड़ा मज़ा आया आपके लेख को पढ़कर।
Hahaha…mujhe likhne mai bhi maja aaya tha..pdhne ke liye dhanyvad😊