Daily LifeMotivation उपमाओं से परे औरत की पहचान by 2974shikhat November 5, 2019 by 2974shikhat November 5, 2019 Image Source : Google Free सुना है महारथियों और विद्वानों से औरतों के बारे मे उनके विचार….. किसी ने माना औरतों को करूणा और त्याग की पहचान….. किसी ने की हिमशिखर की शीतलता से तुलना…. किसी ने माना शांत बैठा हुआ ज्वालामुखी… किसी ने माना जलप्रपात…. तो किसी ने अग्नि के तेज से ही तुलना कर डाला…. तमाम तरह की उपमाओं से परे…. औरतों के सामाजिक व्यवस्था मे अनेक रूप दिखते हैं…. भारतीय सामाजिक व्यवस्था मे परिवार समाज की धूरी होते हैं… औरतों के महत्व को समझे बगैर परिवार और समाज की तरक्की अधूरी होती है….. भारतीय समाज की अगर करे बात….. औरतों का जीवन के प्रति दृष्टिकोण… सामान्यतौर पर, परिवार और समाज की जिम्मेदारियों पर निर्भर करता है….. लेकिन कहीं न कहीं आधुनिक समाज…. इन बातों को झुठलाता हुआ सा भी दिखता है.. शायद यही कारण है कि परिवार और समाज बिखरता दिखता है….. माँ के रूप मे ममता की प्रतिमूर्ति… बेटी और बहन के रूप मे प्यार और स्नेह की डोर… पत्नी के रूप मे सुख और दुख की साथी…. दोस्त के रूप मे अर्जुन और कान्हा सा साथ…. मानो या न मानो, होती तो है औरतों मे जिम्मेदारियों को बखूबी से निभाने वाली बात…. बदलता हुआ समाज और समय और भी बातें कह गया… देखते ही देखते समाज का नजरिया औरतों के प्रति बदल गया…. विकास की राह पर औरतें भी पुरूषों के साथ कंधे से कंधा मिला कर बढ़ चली…. तमाम तरह की मुश्किलों और बाधाओं से लड़ती भिड़ती भी दिखी…. अपनी राह से तब फिसलता है समाज…. जब दिखती है महिलायें सजावटी गुड़िया…. या फिर ,मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर इंसान…. ऐ समाज!कम से कम इतना तो दुनिया जहान को समझते जाना…. औरतों को कठपुतली या सजावटी गुड़िया समझने से पहले…. वैदिक काल से लेकर वर्तमान तक….. औरतों की सामाजिक और वैचारिक उपलब्धियों पर हल्की सी ही सही, नज़र तो फेरते जाना….. एकबार फिर से अपने विचारों को औरतों के प्रति बदल कर देखना… सकारात्मक सोच के साथ औरतों के आगे बढ़ने के रास्ते सुगम कर के तो देखना…, औरतों की शारीरिक और मानसिक कमजोरी को भूल जायेगा समाज….. औरतें घर परिवार ,प्यार और विश्वास के साथ सफलता की बुलंदियों को छूती नज़र आयेंगी….. AdaptationBe HappyBraveryconsciousnessDutyEncouragementExpressionHard workHuman behaviorinspirationInternational women's DayLoyaltySave girl childsocietyStruggleWill power 0 comment 0 FacebookTwitterPinterestEmail 2974shikhat previous post छठ पर्व भगवान भास्कर और लोककल्याणकारी भावना next post Demonetization : Lord Shiva in the Queue You may also like अमरूद का वो पेड़ April 30, 2026 और कुहासा बह गया February 24, 2026 पूर्णिमा से अमावस्या तक का चक्र October 14, 2025 हे माँ October 2, 2025 लीची का पेड़ June 18, 2025 माँ अब नही रहीं February 13, 2025 सैरऔर चिर परिचित चेहरे February 4, 2025 बदलेगा क्या हमारा शहर ? January 23, 2025 पुस्तकालय August 10, 2024 बातें गुलाबी जाड़ा के साथ December 13, 2023 0 comment pankajchandnani August 31, 2018 - 5:33 am अच्छी अभिव्यक्ति Mrs. Vachaal August 31, 2018 - 8:56 am धन्यवाद
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अच्छी अभिव्यक्ति
धन्यवाद