Life And Its Stories
  • Motivation
  • Mythology
  • Political Satire
  • Spirituality
Life And Its Stories
  • Travel
  • Women’s Rights
  • Daily Life
  • Nature
  • Short Stories
  • Poems
  • Audio Stories
  • Video Stories
  • About Me
  • Contact
  • Motivation
  • Mythology
  • Political Satire
  • Spirituality
Life And Its Stories
  • Travel
  • Women’s Rights
  • Daily Life
  • Nature
Daily LifeShort Stories

             Lazy Shoes आलसी जूता           

by 2974shikhat February 25, 2017
by 2974shikhat February 25, 2017

The hustle and bustle of daily work sometimes confuses oneself. People like me often ignore their footwear.

Maybe that’s why our poor footwear feels neglected.

कुछ दिन पहले की ही तो बात है व्हाटसएप मैसेज को पढ़ने के बाद मुझे इस पोस्ट को लिखने का ख्याल आया ।

मैसेज का मुद्दा ये था कि हमारे फुटवियर भी हमारे व्यक्तित्व की पहचान होते हैं ।

अपने जूतों को बड़ी देर तक ध्यान से देखती रही। थोड़ी देर मे लगा वो मुझसे कुछ कहना चाह रहे हैं ।

ऐ मेरे प्यारे प्यारे जूते !
तुम क्यूँ रहते हो हर समय सोते…
..

कभी तो समय पर जाग जाया करो….
जरा हाथ मुंह भी धो कर आया करो…

चलो अच्छा अब मुझे ये तो बताओ….

क्यों रहे हो तुम, इस तरह से फफक ?
क्या किसी ने बोला है तुम्हें , अपनी वाणी से शब्द कड़क ?

मालूम है मुझे, तुम हो बड़े कर्त्तव्यनिष्ठ….
तुम्हारी निष्ठा मे, कहीं से नही है कोई कमी…..

क्या तुम्हारी सूरत से ही जमाना तुम्हे आँकेगा ?
क्या खाक किसी ने फाँकी होगी ,जो तुमने फाँका होगा ?

तुम हो मेरे अच्छे वाले दोस्त…..
तुम मे कहीं से भी नही है कोई खोट….
.

दोस्ती निभाना अच्छे से जानती हूँ……
तुम्हे कभी भी मै नीचा नही मानती हूँ……

मुझे पता है मेरा, तुम्हारा साथ लंबा है……
अब बताओ तुम्हें फिर ,किस बात की चिंता है….
.

कराते हो तुम मेरी चाल मे, आत्मविश्वास का बोध….
कैसे मान लूं मै कि है तुम में,कहीं से भी कोई खोट…..

क्या हुआ तुम्हें आजकल अकेलापन भाता है ?
कहीं तुम्हारा स्वास्थ्य तो नही गड़बडाता है ?

पड़े रहते हो आलमारी से नीचे, कहीं भी….
अब तुम ही बताओ ये बात भी तो सही नही…
..

अगर तुम्हे चाहिये कोई नये संगी साथी……
तो कल ही मै बाजार से नये जूते भी ले कर आती.
….

बताया करो न अपने मन की बात….
मत रहा करो तुम इस तरह से उदास…….

मुझे पता है तुम्हारे मन मे है छोटी सी कसक…
आज हो रही है तुम्हें,नहाने की तलब
…

ये तुम्हारे मुहँ पर लगी है जो धूल और मिट्टी…..
आओ करते हैं आज इनकी पूरी तरह से छुट्टी…..

उसके बाद ही तुम्हारा रूप निखरेगा….
क्या नया जूता दिखता है ,जो तुम्हारा सौन्दर्य छिटकेगा
…

रखा करो न अपने मुँह को साफ – सुथरा..
उजला – उजला देख कर तुम्हें ….

” वो देखो, चारो तरफ काला धुआँ बिखरा”

DutyExpressionPersonality and FootwearShoessocietyThoughts
0 comment
0
FacebookTwitterPinterestEmail
2974shikhat

previous post
                   प्रकृति का “आँचल”
next post
             ओस की बूँदें(Dew drops)

You may also like

अमरूद का वो पेड़

April 30, 2026

और कुहासा बह गया

February 24, 2026

पूर्णिमा से अमावस्या तक का चक्र

October 14, 2025

हे माँ

October 2, 2025

लीची का पेड़

June 18, 2025

कथा महाशिवरात्रि की

February 25, 2025

माँ अब नही रहीं

February 13, 2025

सैरऔर चिर परिचित चेहरे

February 4, 2025

बदलेगा क्या हमारा शहर ?

January 23, 2025

समझो तो पंक्षी न समझो तो प्रकृति

October 26, 2024

0 comment

Rekha Sahay February 27, 2017 - 2:34 pm

आपने तो सचमुच बड़े नायाब तरीके से एक नई बात लिख दी. 😊

Mrs. Vachaal February 27, 2017 - 2:42 pm

धन्यवाद😊 मुझे अपनी चीजों से लगाव रहता है चाहे वो सजीव हो या निर्जीव वो मेरे घर का कोई भी सामान भी हो सकता है किचेन के बर्तन से लेकर पौधों तक उन्हीं के बीच मे से इस तरह की चीजें लिख जाया करती हैं।

Raj June 2, 2017 - 6:24 am

Naya hai

Mrs. Vachaal June 2, 2017 - 9:56 am

😊

About Me

About Me

कहानी का दूसरा पहलू मेरी दुनिया में आपका स्वागत है

मेरे विचार, और कल्पनाएं… जीवन की छोटी-छोटी बातें या चीजें, जिनमे सामान्यतौर पर कुछ तो लिखने के लिये छुपा रहता है… एक लेखक की नज़र से देखो तब नज़र आता है … उस समय हमारी कलम बोलती है… कोरे कागज पर सरपट दौड़ती है.. कभी प्रकृति, कभी सकारात्मकता, कभी प्रार्थना तो कभी यात्रा… कहीं बातें करते हुये रसोई के सामान, कहीं सुदूर स्थित दर्शनीय स्थान…

Popular Posts

  • 1

    The story of my Air conditioners

    September 10, 2016
  • 2

    विचार हैं तो लिखना है

    October 4, 2020
  • 3

    उत्तंग ऋषि की गुरुभक्ति (भाग1)

    November 11, 2020
  • 4

    जंगल का साथ बहुत सारी बात

    October 13, 2017
  • 5

    “कृष्ण जन्माष्टमी की बहुत सारी शुभकामनायें”

    August 12, 2020

Related Posts

  • अमरूद का वो पेड़

    April 30, 2026
  • और कुहासा बह गया

    February 24, 2026
  • पूर्णिमा से अमावस्या तक का चक्र

    October 14, 2025
  • हे माँ

    October 2, 2025
  • लीची का पेड़

    June 18, 2025

Keep in touch

Facebook Twitter Instagram Pinterest Youtube Bloglovin Snapchat

Recent Posts

  • The story of my Air conditioners

  • अमरूद का वो पेड़

  • और कुहासा बह गया

  • पूर्णिमा से अमावस्या तक का चक्र

  • हे माँ

  • लीची का पेड़

  • कथा महाशिवरात्रि की

Categories

  • All (209)
  • Audio Stories (24)
  • Daily Life (144)
  • Motivation (48)
  • Mythology (16)
  • Nature (34)
  • Poems (61)
  • Political Satire (2)
  • Short Stories (190)
  • Spirituality (20)
  • Travel (25)
  • Women's Rights (7)
  • Facebook
  • Twitter
  • Instagram

@2019-2020 - All Right Reserved Life and It's Stories. Designed and Developed by Intelligize Digital India